Saturday, December 16, 2017

"Arctic shows no sign of returning to reliably frozen region of recent past decades" says NOAA. आर्क्टिक की ध्रुवीय बर्फ पृथ्वी के वातावरण संतुलन के लिए जिम्मेदार पदार्थों में से एक हैं l2017 सबसे गर्म वर्ष रहा ,इसके अलावा पिछले 30 सालों से गर्मी का सतत बढ़ना ,समंदर की सतह की गर्मी का बढ़ना ,जिसके चलते टुंड्र प्रदेश में वनस्पतियों का बढ़ना इत्यादि से सदियों से सुप्रसिद्ध आर्क्टिक के हिमखंड पिघल रहे हैं lअब उसके दोबारा बनने की कोई साइन भी नहीं दिखाई दे रही l जिसके चलते पृथ्वी की सूर्य की किरणों को वापस फेंकने की क्षमता भी घट जाएगी ,समंदर में पानी का लेवल खतरों से ज्यादा बढ़ेगा और आने वाले समय में वातावरण अत्यधिक गर्म होगाl क्लाइमेट चेंज ही क्लाइमेट चेंज लाएगी lमानव सभ्यता के सुख पाने के लालच में प्रकृति से किए गए खिलवाड़ का और कैसा परिणाम हो सकता है lदिव्य दर्शन पुरोहित, गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी ,गायत्री प्रज्ञापीठ ,वडोदरा l Image credit: NOAA



Monday, December 11, 2017

Very beautiful awesome Virtual Sun at Shantikunj Samadhi sthal on 11/12/2017 due to Sunlight reflection created by  water vapor . आज 11 दिसंबर 2017 की सुबह शांतिकुंज समाधी स्थल पर टीन शेड के अंदर दाहिनी ओर आभासी सूर्य का दर्शन हुआ l यह अद्भुत दर्शन आभासी  इसलिए था कि सूर्य तो बाहर प्रकाशित हो रहे थे ,परंतु आसमान में जलवाष्प की वजह से सूर्य के प्रकाश का परावर्तन कुछ इस तरह से हुआ की आभासी सूर्य टीन शेड के अंदर दिखाई दिए l अंतिम दो चित्रों को देखने पर  सूर्यनारायण बिलकुल दिखाई नहीं दे रहे हैं l यह अद्भुत चमत्कार  पृथ्वी की गति की वजह से हुआ है  ,मतलब की सूर्यनारायण कुछ मिनटों में आगे चले गए l यह अद्भुत दर्शन एक भाविक भक्त के ह्रदय कोसूर्य से एकाकार होने के लिए बहुत है l  दिव्य दर्शन पुरोहित , गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी ,गायत्री प्रज्ञापीठ , वडोदरा l





GURUDEV OBSERVATORY Very beautiful awesome Virtual Sun at Shantikunj Samadhi sthal on 11/12/2017 due to Sunlight reflection created by water vapor . आज 11 दिसंबर 2017 की सुबह शांतिकुंज समाधी स्थल पर टीन शेड के अंदर दाहिनी ओर आभासी सूर्य का दर्शन हुआ l यह अद्भुत दर्शन आभासी इसलिए था कि सूर्य तो बाहर प्रकाशित हो रहे थे ,परंतु आसमान में जलवाष्प की वजह से सूर्य के प्रकाश का परावर्तन कुछ इस तरह से हुआ की आभासी सूर्य टीन शेड के अंदर दिखाई दिए l अंतिम दो चित्रों को देखने पर सूर्यनारायण बिलकुल दिखाई नहीं दे रहे हैं l यह अद्भुत चमत्कार पृथ्वी की गति की वजह से हुआ है ,मतलब की सूर्यनारायण कुछ मिनटों में आगे चले गए l यह अद्भुत दर्शन एक भाविक भक्त के ह्रदय कोसूर्य से एकाकार होने के लिए बहुत है l दिव्य दर्शन पुरोहित , गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी ,गायत्री प्रज्ञापीठ , वडोदरा l

Saturday, December 2, 2017

A series of three supermoons will appear on the celestial stage on December 3, 2017, January 1, 2018, and January 31, 2018. आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा श्री दत्तात्रेय जयंती की रात्रि को दिखने वाला चंद्रमा 2017 का एक मात्र और आखरी सुपरमून होगा l चंद्रमा की लंब वृत्तीय ऑर्बिट के कारण आज चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक आ जाएगा l जिसके चलते वह अन्य पूर्णिमा की अपेक्षा 14% बड़ा एवं 30 % ज्यादा तेजस्वी होगा lआज से तीन सुपरमून की श्रृंखला शुरू होगी lअगले माह 1 एवं 31 को भी  सुपरमून दिखाई देगा l 31 वाले को ब्लू मून होगा l कुदरत की इस अद्भुत घटना को कहीं से भी खुली आंखों से देखा जा सकता है l इसे देखकर माता प्रकृति को थैंक्स कहना ना भूले l दिव्य दर्शन पुरोहित, गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी, वडोदरा l



Thursday, November 30, 2017

Astrology must be updated in the light if space science & astronomy. भारतवर्ष में कुंभ मेले में ज्योतिर्विज्ञान से लेकर सभी विज्ञान को हर 3 साल में अपडेट किया जाता था l पिछले कुछ हजार सालों से यह परंपरा बंद हो चुकी है l जिसके चलते ज्योतिर्विज्ञान गलत साबित हो रहा है l इसे खगोल विज्ञान की मदद से अपडेट करना अत्यंत आवश्यक हो गया हैं l यथा वर्तमान में 30 नवंबर से 18 दिसंबर तक सूर्यनारायण 13 वी राशि Ophiuchus में चल रहे हैं तो इस समय में जन्म लेने वाले जातकों की कैसी कुंडली बनाई जाएंगी? संपात दिन की बात करें तो सूर्य वर्तमान में मेष की जगह मीन राशि में संपात बिंदु पर आते हैं lक्या इसको अपडेट करना आवश्यक नहीं है ?GPS based अक्षांश-रेखांश ,चंद्रमा की न्यूट्रीशन इफेक्ट ,लोकल टाईम इन सब को भी अपडेट करना बिल्कुल आवश्यक होता है lअगर हम विज्ञान के साथ नहीं चल सकते हैं तो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को हम अवैज्ञानिक साबित कर देंगे l दिव्य दर्शन पुरोहित ,गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी ,वडोदरा l

Wednesday, November 29, 2017

Do not waste foods. It spoils environment. विश्व भर में खाद्यान्न की सबसे ज्यादा कमी है और पेट भरे हुए लोग अन्न का इतना बिगाड़ करते हैं कि पूरे विश्व में प्लास्टिक, लोहे इत्यादि से भी ज्यादा लैंडफिल साइट फूड वेस्टेज से भरी होती हैं l यह क्लाइमेट चेंज के लिए जिम्मेदार दूसरे नंबर के ग्रीन हाउस गैस Methane  की उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार हैं l अन्न की जूठन फेंक कर ना केवल हम अन्न देवता का अपमान करते हैं ,वरन भूखे लोगों की हाय भी लेते हैं और क्लाइमेट चेंज में योगदान दे देते हैं l आओ शपथ लें अन्न की जूठन ना छोड़ें और बचे हुए अन्न को जरुरतमंद लोगों के लिए, पशु पक्षियों  के लिए उपयोग में लाए l  दिव्य दर्शन पुरोहित, गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी ,वडोदरा l


Thursday, November 16, 2017

“Soon it will be too late to shift course away from our failing trajectory, and time is running out.”  A warning issued by15000 scientists from all over globe.  70 साल पूर्व  "युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी" ने कही भविष्यवाणी को अब विज्ञान सिद्ध कर रहा है l विश्व के 184 देशों के 15000 वैज्ञानिकों ने एक वार्निंग लेटर प्रस्तुत किया है l जिसके मुताबिक क्लाइमेट चेंज, निर्वनीकरण ,जल स्त्रोतों का अभाव और अशुद्धिकरण ,प्रजातियों का पलायन और आबादी की बेतहाशा वृद्धि को अगर रोका नहीं गया तो आने वाले कुछ ही साल में हम हमारे हाथ से इसका कंट्रोल खो बैठेंगे और वसुंधरा को समाप्त कर देंगेl  दिल्ली और अहमदाबाद का भयावह प्रदूषण इसकी साक्षी है, इसका एक नमूना है l यही समय है कुछ कर गुजरने का l करें या मरे lअभि या कभी नहीं l दिव्य दर्शन पुरोहित, गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी, वडोदरा Credit: Oregon University