Saturday, May 27, 2017

पुनातु माम् तत्सवितुर्वरेण्यं l मित्रों ,रात्रि में हम जो तारे देखते हैं वह केवल हमारी Galaxy के ही होते हैं l वैसे यह स्थिर प्रतीत होते हैं  मगर उनकी अपनी स्वयम की अत्यंत तेज  गति होती हैं l लाखों सालों में यह तारे कहां से कहां पहुंच जाते हैं lआज सप्तर्षि सहितं अन्यान्य नक्षत्र जो हम देख रहे वह हजारों साल पहले इस आकार में नहीं थे और हजारों साल के बाद इस आकार में नहीं रहेंगे l ईश्वर के सिवा ब्रह्मांड में सब कुछ परिवर्तनशील है l  पकड़ना है तो केवल उस अपरिवर्तनशील को ही क्यों ना पकड़े ! मांगना है तो उसी  से ही क्यों ना मांगे ! पुनातु माम् तत्सवितुर्वरेण्यं l

Tuesday, May 23, 2017

One of the world best news agencies ANI was at Gurudev Observatory to cover news on Space debris.

Friday, May 19, 2017

विश्व के प्रमुख डेज़र्ट्स में से एक, सबसे खूबसूरत कच्छ के सफेद रण की ईशा के उपग्रह ने तस्वीर ली है lप्रस्तुत तस्वीर में सेमी सर्कल रणोत्सव का टेंट सिटी ,लेफ्ट साइड में नमक के तालाब ,नीचे लाल रंग में वेजिटेशन एरिया दिख रहा है lगुजरात और भारत की शान को विश्वव्यापी करने के लिए ईशा को थैंक्स l इमेज क्रेडिट एंड कॉपीराइट : ESA

Monday, May 15, 2017

मेरे वैज्ञानिक दृश्टिकोण ने सदैव अन्धविश्वास व् अंधश्रद्धा का विरोध किया है। पर आज जो कुछ दिखाई दिया उसे ऑप्टिकल इल्युसन कहे ,श्रृंगार की चमत्कृति कहे या अन्य कुछ भी पर उसको आप सब परिजनों से शेर किये बिना रहा नहीं गया। 
आज 15/5/2017 सोमवार की सुबह ७:४१ पर शांतिकुंज लाइव स्ट्रीम पर अखण्डदीपक वाली गायत्री माता के श्री मुख के ठीक निचे दूसरा श्रीमुख दिखाई दिया और साथ में त्रिशूल का भी  आभास हो रहा था। हो सकता है श्रृंगार के चलते  यह चमत्कृति दृश्यमान हुयी हो या अन्य कोई वजह हो। जो भी हो पर अंतरात्मा कह रही थी की अब आदिशक्ति  युग परिवर्तन द्विगुणित गति से करने जा रही है। हमारे यहाँ गुजरात सौराष्ट्र  में गायत्री को सूर्य पत्नी भगवती रांदल के स्वरुप में पूजने का विधान है , उसमे उसके दो स्वरुप ( बे लोटा तेड़या )  को पूजन में बुलाया जाता है। आज वेदमाता ने कुछ ऐसे ही स्वरुप में दर्शन दिए। 



Sunday, May 14, 2017

GURUDEV OBSERVATORY मेरे वैज्ञानिक दृश्टिकोण ने सदैव अन्धविश्वास व् अंधश्रद्धा का विरोध किया है। पर आज जो कुछ दिखाई दिया उसे ऑप्टिकल इल्युसन कहे ,श्रृंगार की चमत्कृति कहे या अन्य कुछ भी पर उसको आप सब परिजनों से शेर किये बिना रहा नहीं गया। आज 15/5/2017 सोमवार की सुबह ७:४१ पर शांतिकुंज लाइव स्ट्रीम पर अखण्डदीपक वाली गायत्री माता के श्री मुख के ठीक निचे दूसरा श्रीमुख दिखाई दिया और साथ में त्रिशूल का भी आभास हो रहा था। हो सकता है श्रृंगार के चलते यह चमत्कृति दृश्यमान हुयी हो या अन्य कोई वजह हो। जो भी हो पर अंतरात्मा कह रही थी की अब आदिशक्ति युग परिवर्तन द्विगुणित गति से करने जा रही है। हमारे यहाँ गुजरात सौराष्ट्र में गायत्री को सूर्य पत्नी भगवती रांदल के स्वरुप में पूजने का विधान है , उसमे उसके दो स्वरुप ( बे लोटा तेड़या ) को पूजन में बुलाया जाता है। आज वेदमाता ने कुछ ऐसे ही स्वरुप में दर्शन दिए।

Monday, May 8, 2017

वर्तमान में कन्या राशि में हम से 68 करोड किलोमीटर दूर वक्र गति में चल रहा सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह गुरु कल रात्रि को हमारे चांदा मामा को मिलने चला आया था l यह कोई चमत्कार नहीं था अपितु चंद्रमा ,पृथ्वी एवं गुरु की सापेक्ष गति के कारण पृथ्वी से दिखाई देने वाला कंजंक्शन था lअगर आपने पिछले 3 महीने का कंजंक्शन नोट किया हो तो हर बार 3 दिन आगे बढ़ती इन तारीखों से चंद्रमा का नक्षत्र माह समझ में आ सकता है l गुरुदेव ऑब्जर्वेटरी , गायत्री प्रज्ञापीठ , करेली बाग से ली गई तस्वीरें इस दिव्य नर्तन की साक्षी रूप है l






Wednesday, May 3, 2017

विज्ञान के अब तक के अद्भुत आविष्कार हबल स्पेस टेलिस्कोप ने उनके 27वें जन्मदिन पर इन दो अलग-अलग स्पाइरल Galaxy की  खींचते हुए अपनी ताकत बता दीl
The Hubble Space Telescope celebrates 27 years with two close friends. Credit: HST/NASA/ESA